जन-समस्याओं के डोर स्टेप समाधान के लिए बिहार सरकार की नई पहल
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, बिहार सरकार की जन-उपयोगी पहल ‘सहयोग शिविर’ के व्यापक प्रचार-प्रसार और सफल कार्यान्वयन को लेकर आज जिले के सभी प्रखंडों में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई।
- प्रखंड विकास पदाधिकारियों की उपस्थिति में सभी प्रखंडों के नोडल वरीय अधिकारियों ने स्थानीय पंचायती राज प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया और इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये रणनीति साझा की*
- सहयोग शिविर का उद्देश्य: जनता की शिकायतों का उनके घर के करीब (Doorstep) त्वरित और प्रभावी निवारण करना।
- शेड्यूल: यह शिविर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे
शुभारंभ: इस अभियान की शुरुआत 19 मई, 2026 से होगी।

प्रशासनिक तैयारी
बैठक के दौरान नोडल वरीय अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश हैं कि शिविर के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाना है। 19 मई को जिले के सभी 20 प्रखंडों की कुल 40 चिन्हित पंचायतों में एक साथ शिविर लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 02 जून को पुनः अगली 40 पंचायतों में समाधान प्रक्रिया जारी रहेगी।
◆ अपील : स्थानीय जनप्रतिनिधियों (मुखिया, वार्ड सदस्य आदि) से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीणों को इस शिविर के बारे में जागरूक करें। इन शिविरों में विभिन्न विभागों से संबंधित पूर्व में प्राप्त शिकायतों के समाधान की जानकारी दी जायेगी साथ ही शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के लिये समयबद्ध कार्रवाई प्रक्रिया की जानकारी दी जायेगी।
◆ शिविर से 30 दिनों पहले से आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन प्राप्त करने के लिए सभी पंचायत में स्थल निर्धारित किया गया है तथा पंचायतवार कर्मी भी प्राधिकृत किये गए हैं।
◆ ”बिहार सरकार की यह पहल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए है। प्रयास है कि हर पात्र व्यक्ति की समस्या का समाधान पूरी पारदर्शिता के साथ हो।”
